रायपुर। निवेश आकर्षित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। क्रिसिल-नीति आयोग इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स (IFI) 2026 में राज्य ने Regulatory Ease (नियमों में आसानी) और Institutional Environment (संस्थागत माहौल) जैसे निवेश के दो सबसे अहम मानकों पर देश के बड़े राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं Environment Resilience में राज्य दूसरे स्थान पर रहा।
कारोबार शुरू करना हुआ और आसान
रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ को Regulatory Ease श्रेणी में 12 में से 8.4 अंक मिले, जो राजस्थान, पंजाब, तमिलनाडु और गुजरात जैसे राज्यों से भी अधिक हैं। इस श्रेणी में उद्योगों को मिलने वाली मंजूरियों की गति, एनओसी, निर्माण अनुमति, बिजली-पानी कनेक्शन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं का मूल्यांकन किया गया। रिपोर्ट बताती है कि राज्य में कारोबार शुरू करने और संचालित करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और निवेशक-अनुकूल हुई है।
सुशासन में भी अव्वल प्रदर्शन
संस्थागत माहौल (Institutional Environment) के मानक में भी छत्तीसगढ़ बड़े राज्यों में पहले स्थान पर रहा। इस श्रेणी में आर्थिक अपराध, साइबर अपराध, नीतिगत स्थिरता, श्रम विवाद और शिकायतों के त्वरित समाधान जैसे पहलुओं का मूल्यांकन किया गया। रिपोर्ट के अनुसार राज्य ने निवेशकों के लिए स्थिर और भरोसेमंद प्रशासनिक वातावरण विकसित किया है।
आपदा प्रबंधन में भी मजबूत स्थिति
Environment Resilience श्रेणी में छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर रहा। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी और औद्योगिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा जैसे मानकों पर राज्य का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर दर्ज किया गया, जिससे उद्योगों के लिए जोखिम कम होने की बात कही गई है।
उद्योगों के लिए मजबूत आधार
रिपोर्ट में राज्य की मजबूत औद्योगिक क्षमता और वित्तीय स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। छत्तीसगढ़ को वित्तीय स्वास्थ्य मानक में 7 में से 5.4 अंक मिले हैं। साथ ही राज्य के सकल मूल्य वर्धित (GVA) में उद्योग क्षेत्र की हिस्सेदारी 52.8 प्रतिशत बताई गई है, जो इसे देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल करती है।
नई नीतियों का दिखा असर
रिपोर्ट में कहा गया है कि औद्योगिक विकास नीति 2024-30, संशोधित विश्वास अधिनियम और छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 जैसे सुधारात्मक कदमों ने निवेश माहौल को मजबूत किया है। राज्य ने जोखिम आधारित नियामक व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनने का दावा भी किया है।
एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बड़ा दांव
नवा रायपुर में एआई डेटा सेंटर पार्क और डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर जैसी परियोजनाओं के जरिए राज्य डिजिटल निवेश का नया केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले 18 महीनों में राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें सेमीकंडक्टर, एआई, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स और एग्रो प्रोसेसिंग जैसे नए क्षेत्र भी शामिल हैं।













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