कोरबा, 18 जुलाई। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से शनिवार को कोरबा में “रन फॉर ग्रीन” मैराथन के साथ जिलेव्यापी हरित अभियान की शुरुआत हुई। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं, युवाओं, खिलाड़ियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
जुम्बा की धुन पर शुरुआत, हरी झंडी दिखाकर रवाना हुई मैराथन
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में हुई, जहां स्कूली बच्चों ने रंगारंग जुम्बा प्रस्तुति देकर पूरे वातावरण को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया। इसके बाद महापौर संजु देवी राजपूत एवं कलेक्टर कुणाल दुदावत ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को रवाना किया।
प्रतिभागियों ने दौड़ के दौरान पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण से जुड़े संदेशों वाले नारों के माध्यम से शहरवासियों को जागरूक किया।
15 सितंबर तक चलेगा व्यापक पौधारोपण अभियान
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी पर आधारित पर्यावरण संरक्षण का व्यापक अभियान है।
उन्होंने बताया कि 15 सितंबर तक जिले के स्कूलों, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक स्थलों, आवासीय कॉलोनियों तथा प्रमुख सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा।
कलेक्टर कुणाल दुदावत:
“हमारा लक्ष्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करना भी है, ताकि वे भविष्य में घने वृक्ष बनकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।”
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास उपलब्ध खाली स्थानों पर पौधे लगाकर इस अभियान को सफल बनाएं।
भारतीय महिला फुटबॉल खिलाड़ी किरण पिस्दा बनीं आकर्षण का केंद्र
अभियान का विशेष आकर्षण भारतीय महिला फुटबॉल टीम की खिलाड़ी किरण पिस्दा रहीं। उन्होंने शहरवासियों के साथ मैराथन में भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण को हर नागरिक की जिम्मेदारी बताया।
उन्होंने कहा कि “स्वस्थ समाज और बेहतर भविष्य के लिए स्वच्छ पर्यावरण सबसे महत्वपूर्ण आधार है। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में बड़ा सकारात्मक बदलाव संभव है।”
जनभागीदारी से बनेगा हरित कोरबा
जिला प्रशासन का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। जब तक समाज का प्रत्येक वर्ग इसमें सक्रिय भागीदारी नहीं निभाएगा, तब तक स्थायी परिणाम प्राप्त नहीं हो सकते।
इसी सोच के साथ “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। अभियान के माध्यम से लोगों को यह संदेश भी दिया जा रहा है कि पौधारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी है।
औद्योगिक जिले के लिए महत्वपूर्ण पहल
औद्योगिक गतिविधियों के कारण पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहे कोरबा जिले के लिए इस तरह के अभियान विशेष महत्व रखते हैं। यदि प्रशासन के साथ आम नागरिक भी लगातार पौधारोपण और पौधों के संरक्षण में सहयोग करें, तो आने वाले समय में कोरबा हरित विकास का एक सफल मॉडल बन सकता है।
“रन फॉर ग्रीन” के साथ शुरू हुआ यह अभियान केवल हरियाली बढ़ाने का प्रयास नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी, जनसहभागिता और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का मजबूत संदेश भी है।













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