हाथियों के बीच वीडियो बनाना पड़ा भारी, ग्रामीण घायल; वन विभाग ने जारी की कड़ी चेतावनी

कोरबा, 5 अगस्त। कोरबा वन मंडल के कुदमूरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम कलमीटिकरा के जंगल में हाथियों के दल के बेहद करीब जाकर वीडियो बनाना एक ग्रामीण को भारी पड़ गया। हाथियों के नजदीक पहुंचने के दौरान ग्रामीण घायल हो गया, जिसके बाद वन विभाग ने लोगों से हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करने की अपील की है।

वन विभाग के अनुसार कक्ष क्रमांक OA-1418, बीट जिलगा के समीप ग्राम कलमीटिकरा के जंगल में इन दिनों 9 हाथियों (1 नर, 6 मादा एवं 2 शावक) का दल विचरण कर रहा है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण हाथियों को देखने जंगल पहुंच गए। इस दौरान कुछ लोग पेड़ों पर चढ़कर मोबाइल से वीडियो बनाने लगे, जबकि एक युवक हाथियों के बेहद करीब पहुंच गया। इसी दौरान वह हाथियों की चपेट में आ गया और उसके हाथ में चोट आई। घायल की पहचान ग्राम कलमीटिकरा निवासी किरण कुमार राठिया (30 वर्ष) के रूप में हुई है।

घटना के बाद शाम करीब 7 बजे घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करतला में भर्ती कराया गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने तत्काल उपचार की व्यवस्था कराई तथा घायल की पत्नी सविता राठिया को 2 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की।

वन विभाग की सख्त चेतावनी

वन विभाग ने कहा है कि हाथियों के पास जाकर वीडियो बनाना, शोर मचाना या उन्हें उकसाना न केवल व्यक्ति के लिए जानलेवा हो सकता है, बल्कि इससे हाथियों का व्यवहार भी आक्रामक हो जाता है। इससे भविष्य में आसपास के गांवों में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं बढ़ने की आशंका रहती है। विभाग ने बताया कि पूर्व में रायगढ़ वन मंडल में ऐसी हरकत करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा चुकी है।

सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी

वन विभाग द्वारा हाथियों की गतिविधियों पर थर्मल ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। ‘गज संकेत’ ऐप, व्हाट्सएप अलर्ट ग्रुप, ‘हमर हाथी हमर गोठ’ रेडियो अभियान, हाथी मित्र दल की तैनाती और संवेदनशील क्षेत्रों में अस्थायी बैरिकेडिंग के माध्यम से ग्रामीणों को लगातार सतर्क किया जा रहा है।

लोगों से अपील

वन विभाग ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि हाथियों के निकट न जाएं, फोटो या वीडियो बनाने के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें, शराब के नशे में या लाल कपड़े पहनकर हाथियों के पास जाने जैसी लापरवाही न करें तथा वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में शांतिपूर्वक रहने दें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि हाथियों को परेशान करने या वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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